हवन करने से पूर्वअग्निवास अवश्य देखें

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हवन करने से पूर्व अग्निवास अवश्य देखें

अग्निवास की गणना कैसे की जाए ?
एक मास (महीने) में दो पक्ष होते हैं
आईए जानते हैं ज्योतिष कार्यालय ककरवई के आचार्यों से

शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष

शुक्ल पक्ष

लगभग 15 दिनों का होता है |

पहली तिथि को प्रतिपदा या पड़ीवा और अंतिम तिथि को पूर्णिमा कहते हैं |

कृष्ण पक्ष

लगभग 15 दिनों का होता है |

पहली तिथि को प्रतिपदा या पड़ीवा और अंतिम तिथि को अमावस कहते हैं |

दिन का मान

रविवार को 1, सोमवार 2, मंगलवार 3, बुधवार 4, बृहस्पतिवार 5, शुक्रवार 6, शनिवार 7

Formula :

जिस दिन का अग्निवास निकालना है उस दिन की तिथि और दिन लें

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को पहला दिन मान के तिथि का मान लें

उसमें 1 जोड़ दें

फिर दिन का मान उसमें जोड़ दें

जो योग आये उसको 4 से भाग कर दें

Formula In Short

( तिथि मान + 1 + दिन मान = योग /4 )

अब यदि 0 शेष बचे तो अग्नि का निवास पृथ्वी पर
यदि 1 शेष बचे तो अग्नि का निवास स्वर्ग में
यदि 2 शेष बचे तो तो अग्नि का निवास पाताल में
यदि 3 शेष बचे तो अग्नि का निवास पृथ्वी पर होता है |
उदहारण : मान लीजिये आपको जिस तिथि का मान निकलना है वो कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है और उस दिन सोमवार का दिन है |

तिथि मान + 1 + दिन मान = योग /4

तिथि मान के लिए शुक्ल पक्ष की = 15

कृष्ण पक्ष की पंचमी = 5 इन दोनों को जोड़ का तिथि मान आएगा (15 + 5= 20)

तिथिमान = 20

अब इस तिथि मान में एक जोड़ दें + 1 (20 + 1 = 21 )

अब इसमें दिन का मान सोमवार= 2 भी जोड़ दें (21+2=23)

अब कुल योग आये 23 को 4 से भाग दें

4 )23(5
20
शेष बचा 3 अर्थात आज का अग्निवास पृथ्वी पर होगा |
पृथ्वी पर अग्नि का वास सुखकारी होता है |

स्वर्ग में अग्नि का वास अशुभ और प्राण नाशक माना गया है |

पाताल में अग्नि के वास से धन नाश होता है |

इस लिए हमेशा ही हवन तब करें जब इसमें 0 अथवा 3 शेष बचे और कल्याण के भागी बनें |

पञ्चांग शोधकर्ता….

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