13 जुलाई से इन राशियों की बदलेगी तकदीर, पैसों की तंगी होगी दूर

0
Spread the love

देवगुरु बृहस्पति 18 अक्टूबर को राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन देवगुरु बृहस्पति (Guru Gochar 2025 Date) मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे। मिथुन राशि में देवताओं के गुरु बृहस्पति देव 17 अक्टूबर तक रहेंगे। देवगुरु बृहस्पति के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को फायदा होगा।

 

 

 

 

ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान का कारक माना जाता है। हर गुरुवार के दिन भगवान विष्णु संग देवगुरु बृहस्पति की पूजा की जाती है। साथ ही गुरुवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से कुंडली में गुरु मजबूत होता है। साथ ही यश, कीर्ति और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। साथ ही व्रती की हर मनोकामना पूरी होती है।

ज्योतिषियों की मानें तो सावन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर देवगुरु बृहस्पति नक्षत्र चरण परिवर्तन करेंगे। इससे कई राशि के जातकों के जीवन में बदलाव देखने को मिलेगा। गुरु देव की कृपा से हर इच्छा पूरी होगी। साथ ही आर्थिक समस्या भी दूर होगी। आइए जानते हैं

 

13 जुलाई को देवगुरु बृहस्पति सुबह 07 बजकर 39 मिनट पर आर्द्रा नक्षत्र के तीसरे चरण में गोचर करेंगे। देवगुरु बृहस्पति के नक्षत्र चरण परिवर्तन से दो राशि के जातकों को लाभ होगा ।

वृषभ रशि

वर्तमान समय में देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में विराजमान हैं। वहीं, गुरु की दृष्टि धन भाव पर है। बिजनेस में तेजी देखने को मिलेगी। मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी। स्वर्ण आभूषण के कारोबारियों को दोगुना लाभ देखने को मिलेगा। सेवा क्षेत्र में जॉब मिलने के आसार बनेंगे। सरकार से सम्मानित हो सकते हैं।

बैंकिंग से जुड़े लोगों को प्रमोशन देखने को मिल सकता है। शत्रुओं पर विजय मिल सकती है। कानून से जुड़े लोगों को कोई बड़ा केस मिल सकता है। समाज में आपका मान बढ़ेगा। गुरु की कृपा से जीवन में व्याप्त हर परेशानी दूर होगी। वाणी मधुर होगी। आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे। धन कमाने और एकत्र करने में सफल होंगे।

कर्क रशि

देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा कर्क राशि के जातकों पर बरसती है। गुरु की स्थिति बदलने से कर्क राशि के जातकों को करियर में विशेष बदलाव देखने को मिल सकता है। जॉब की परेशानी दूर होगी। धार्मिक आचरण बढ़ेगा। धन संचय करने में सफल होंगे। वहीं, धन खर्च करने में आप कंजूस होंगे।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों का सम्मान बढ़ेगा। गुरु की कृपा से आपके यश में वृद्धि होगी। घर में अन्न और धन की कमी नहीं रहेगी। पिता से भी आपको सुख मिलेगा। किसी विशेष काम के लिए आपको पिता से धन लाभ होगा। लेखन क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी सफलता मिलेगी।

 

 

 

 

 

 

 

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शिवलिंग चांदी के हो तो क्या होता है